प्यार की डोर-डॉ इंदु कुमारी

 प्यार की डोर

प्यार की डोर-डॉ इंदु कुमारी

हम सब जिनसे बँधे हुए 

वो   है  प्यार   की  डोर

वर्ना रिश्ते चटक  रहे है

बिना   किये   ही  शोर


अपनों की पहचान खो रही

जिन्दगी दुस्वार है  हो रही

देखना चाहे न कोई किसी को

अभिमान  है  आड़े  आ  रही


ईर्ष्या द्वेश को जगह मिली है

रिस्ते  पहचान  खो  है  रही

छोटी-छोटी  सी   जो   बातें

भयंकर आकार  है  ले  रही

प्यार  की  डोर में  वो  शक्ति

है  संभव  रिस्ते  जुड़  जाए

डाह अगन जो दिल से मिटे

मान लेअपनी छोटी सी भूल

खुशियों  की  होगी   इंजोर

बंध जाओगे प्यार की डोर।

डॉ.इन्दु कुमारी
            मधेपुरा बिहार

Cp हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि एवं शायर चन्द्र प्रकाश गौतम (सी.पी. गौतम) का जन्म 13 अगस्त सन् 1995 को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के छीतकपुर गाँव में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई इन्होंने उच्च शिक्षा स्नातक की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की तथा यहीं से हिन्दी साहित्य में परास्नातक की पढ़ाई भी की । स्नातक व परास्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। चन्द्र प्रकाश गौतम की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है । इन्होंने कई महत्वपूर्ण कविताओं एवं आलोचनात्मक लेखों का सृजना किया है , जो देश के विभिन्न राज्यों के दैनिक समाचार पत्रों , पत्रिकाओं में प्रकाशित है साथ ही इनकी कुछ रचनाएं भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रकाशित हुई हैं Know more about me

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