Tum ho meri mohabat rahogi meri

                      गीत


Tum ho meri mohabat rahogi meri


बारिशों   के   बूँद    सा   टपकता  रहा 

तुम भी  रोती  रही  मैं   भी   रोता  रहा 

प्यार    तुझको   मैंने   किया  है  सनम 

भूल  जाने   की   आदत  नहीं  है  मेरी

तेरे   मजबूरियों   ने  सितम  कर दिया 

दर्द    में   तुम   रही   दर्द   में   मैं  रहा 


तुम   हो   मेरी   मोहब्बत  रहोगी  मेरी 

देख   के,  नजरें  ना ,    चुराना  सनम 

हूँ   अकेला     जीवन     के    मेले  में 

राह   में   जैसे    राही   भटकता  रहा 


प्यार   तुझको   मैंने   किया  है  सनम 

रात  की  चाँदनी  दिन में  ढलती  रही

मैं भी  रोता  रहा  तुम  भी   रोती  रही

दर्द   में    मैं  रहा  दर्द   में    तुम  रही  

                                   बारिशों  के 


कुछ भी हो जाए  मैं  हूँ   तुम्हारी प्रिये 

ज़िन्दगी   के   मेरे    सांसों    में   तुम 

मेरे रग रग में रागों में   गीतों   में  तुम 

रात रानी हूँ मैं दिन के सूरज  हो  तुम 


जो जलाए थे तुम प्यार के ज्योती को 

दे  रही    रोशनी   मेरे   तन  मन  को 

चाह कर  भी  तुम्हारी   नहीं  मैं   रही 

तुम    अधूरे    रहे    मैं   अधूरी   रही 


तेरे मजबूरियों  ने  सितम  कर  दिया 

दर्द  में  तुम   रही   दर्द   में   मैं   रहा 

बारिशों के   बूँद  सा   टपकता   रहा 

तुम भी  रोती रही  मैं  भी  रोता  रहा 


दर्द में   तुम   रही   दर्द  में   मैं    रहा 

मैं   अधूरी    रही    तुम  अधूरे    रहे 

मैं भी  रोता   रहा   तुम   रोती    रही 

दर्द  में   मैं  रही   दर्द   में   तुम   रहे 

                      कवि सी.पी. गौतम 


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