कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र 'कबीर'

कोई कुछ साथ न ले जा पाया

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र 'कबीर'
रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,
कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,
दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,
सौदे बहुत किये लोगों ने
ईश्वर के साथ,
अफसोस!
कोई भी सौदा अनंतकाल तक
टिक ना पाया।

अपने लौकिक एवं पारलौकिक
स्वार्थ के लिए उन्होंने
पता नहीं कितने निर्दोषों का दिल दुखाया,
अपने ईश्वर को प्रसन्न करने के नाम पर
पता नहीं कितने निर्दोषों का खून बहाया,
बड़े-बड़े साम्राज्यों एवं जागीरों का बना स्वामी,
अफसोस!
जाते समय अपने साथ कोई भी वस्तु
चाहकर भी न ले जा पाया।

जितेन्द्र 'कबीर'
साहित्यिक नाम - जितेन्द्र 'कबीर'
संप्रति-अध्यापक
पता -जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र - 7018558314

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