Ab ki baar aise ho diwali by Mainudeen Kohri

 अब की बार ऐसी हो दिवाली

Ab ki baar aise  ho diwali by  Mainudeen Kohri



अबकी बार मनाओ ऐसी दिवाली  ।

गाँव - शहर में हो जाए खुशहाली । ।


प्रदूषण से हो जाए  गलियाँ खाली  ।

सब मिल कर मनाओ ऐसी दिवाली।।


लिछमी जी की पूजा करने  वालों  ।

भुरण् हत्या रोकें ऐसी हो दिवाली ।।


शोषण से मुक्त हो जाएगी हर  नारी ।

रावणवृति हम त्यागें ऐसी हो दिवाली।।


बुराई को रोकें नैतिकता से नातां जोड़ें।

राम - राज्य हम लाएं ऐसी हो दिवाली ।।


जातिवाद-साम्प्रदायिकता की जड़ काटें ।

मानवता का पाठ पढाएं ऐसी हो दिवाली।।


पाखण्डी-लोगों व आतंक का हो अंत करें।

'नाचीज़"प्रेम-भाव हो ऐसी मनावें दिवाली।।

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   मईनुदीन कोहरी "नाचीज़ बीकानेरी "
           मो.  9680868028
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