Chand mera by Jayshree birmi

 चांद मेरा

Chand mera by Jayshree birmi


 आज तुम चाहे मत निकलो चांद

परवा नहीं

चमकेगा टुकड़ा मेरे दिल का

तुम जलाना नहीं

 निकला हैं आज बरसों के बाद

अब बदरी तू भी छाना नहीं

 हैं किस्मत में मेरी ये ही  रोशनी

अब उससे आगे मैंने भी कुछ मांगा नहीं

चांद को तो रात चाहिए चमक ने के लिए

मेरा चांद तो हर दिन हर रात हर पल के लिए हैं

ए चांद तेरी चांदनी की चमक पराई सी हैं

 चांद मेरे की तो रोशनी सो फीसदी अपनी ही हैं

आज तो रात को न सोऊंगी न ही दिन भर चैन होगा

बस एक में और सामने मेरे दिल का टुकड़ा होगा

रब करे न बीते ये पल,दिन और रात

सुनती रहूं में मेरे दिलके टुकड़े की ही आवाज


जयश्री बिरमी
अहमदाबाद

Cp हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि एवं शायर चन्द्र प्रकाश गौतम (सी.पी. गौतम) का जन्म 13 अगस्त सन् 1995 को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के छीतकपुर गाँव में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई इन्होंने उच्च शिक्षा स्नातक की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की तथा यहीं से हिन्दी साहित्य में परास्नातक की पढ़ाई भी की । स्नातक व परास्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। चन्द्र प्रकाश गौतम की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है । इन्होंने कई महत्वपूर्ण कविताओं एवं आलोचनात्मक लेखों का सृजना किया है , जो देश के विभिन्न राज्यों के दैनिक समाचार पत्रों , पत्रिकाओं में प्रकाशित है साथ ही इनकी कुछ रचनाएं भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रकाशित हुई हैं Know more about me

0 Comments

Post a Comment

boltizindagi@gmail.com

Iklan Atas Artikel

Iklan Tengah Artikel 1

Iklan Tengah Artikel 2

Iklan Bawah Artikel