Bura man kar mat baitho by Jitendra Kabir

 बुरा मनाकर मत बैठो

Bura man kar mat baitho by Jitendra Kabir


उस समय भले ही बुरा लगे

जब हमारे बुजुर्ग 

डांट देते हैं हमें गुस्से में आकर,

लेकिन इसके लिए 

उनसे नाराज होकर बैठने से पहले 

याद रखना होगा हमें

कि उस डांट में भी चिंता छुपी होगी

कहीं न कहीं हमारी भलाई की ही।


उस समय भले ही बुरा लगे

जब हमारे बुजुर्ग

टोक देते हैं हमें जब कोई काम नहीं होता

उनकी सोच के मुताबिक

लेकिन इसके लिए 

उनसे नाराज होकर बैठने से पहले

याद रखना होगा हमें

कि उस टोकने के पीछे भी मंशा छुपी होगी

कहीं न कहीं हमारी भलाई की ही।


उस समय भले ही बुरा लगे

जब हमारे बुजुर्ग

हमारी इच्छा के विरुद्ध

जिद्द कर लेते हैं किसी काम को 

पूरा करने की,

लेकिन इसके लिए

उनसे नाराज होकर बैठने से पहले

याद रखना होगा हमें

कि बचपन से अब तक सैंकड़ों बार

उन्होंने भी मानीं है हमारी अजीब जिद्दें कई।


                               जितेन्द्र 'कबीर'


यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम - जितेन्द्र 'कबीर'

पता - जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र - 7018558314

Cp हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि एवं शायर चन्द्र प्रकाश गौतम (सी.पी. गौतम) का जन्म 13 अगस्त सन् 1995 को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के छीतकपुर गाँव में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई इन्होंने उच्च शिक्षा स्नातक की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की तथा यहीं से हिन्दी साहित्य में परास्नातक की पढ़ाई भी की । स्नातक व परास्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। चन्द्र प्रकाश गौतम की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है । इन्होंने कई महत्वपूर्ण कविताओं एवं आलोचनात्मक लेखों का सृजना किया है , जो देश के विभिन्न राज्यों के दैनिक समाचार पत्रों , पत्रिकाओं में प्रकाशित है साथ ही इनकी कुछ रचनाएं भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रकाशित हुई हैं Know more about me

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