Book review jeevangatha ek sangharsh by Surendra sharma

 Book review "jeevangatha ek sangharsh" by Surendra sharma

पुस्तक समीक्षा "जीवनगाथा एक संघर्ष" 

Book review jeevangatha ek sangharsh by Surendra sharma


प्रिय पाठक,

सादर नमस्कार।

सर्वप्रथम में आदरणीया दीदी अनीता शर्मा जी को उनकी कृति "जीवन गाथा एक संघर्ष" के सृजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ साथ ही उनके पिताश्री जगदीश प्रसाद जी को शत-शत प्रणाम करता हूं जिनके प्रोत्साहन से उनको लिखने की प्रेरणा मिली जिसके परिणाम स्वरूप आज हम एक पुस्तक के रूप में उनके विचारों को पढ़ने में सक्षम हुए हैं।सर्वप्रथम उन्होंने "अर्पित" शीर्षक से कविता लिखकर पुस्तक का शुभारंभ किया है कि मनुष्य को चिंता मुक्त होकर जीना चाहिए और ईश्वर पर अटल विश्वास रखना चाहिए।इस रचना से यह स्पष्ट होता है कि अनीता शर्मा जी की ईश्वर भक्ति में अटूट श्रद्धा है। "बेहतर" शीर्षक से लिखी गई रचना बहुत ही भावप्रवण है जिसमें यह कहा है कि किसी को भी स्वयं की दूसरों से तुलना नहीं करना चाहिए जो जैसा है वह पूर्ण है।"जीवंतता,राज,जागृति,चित्रकार जैसे शीर्षकों से सृजित की गई कविताएं बहुत ही प्रेरणादायक एवं मनभावन लगती हैं।"एक लालच बड़ी लाचारी है आदमी को चालाकी सिखा रही,लाचारी" शीर्षक से सृजित रचना समाज को छल कपट से दूर रहने का संदेश देती है। "लम्हे, संसार सा पुस्तकालय,स्वप्न पथ तथा हिम्मत शीर्षक से सृजित रचनाएँ हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं और चुनौतियों से लड़ने की हिम्मत प्रदान करती हैं। "खामोशी का एक लम्हा बहुत कुछ रखता अपने अंदर"ये पंक्तियां बताती हैं कि इंसान को कम से कम बोलना चाहिए और खामोश रहना एक हद तक जीवन में बहुत जरूरी है।"मंजिल के मुसाफिर,साधना, उम्मीद,बेटी की वेदना ये रचनाएं बहुत ही भावपूर्ण एवं मार्मिक बन पड़ी है। "अश्रुपूर्ण नयन से गिरकर हृदय को द्रवित कर देती है।रिश्तो की बारीकी समझाती बंधनों को बांधे"बहुत ही भावपूर्ण पंक्तियां मुझे बेहद पसंद आईं।   "सपने,उलझन,मुश्किल आसान हो गई,फुर्सत,विषमता का संसार जहां प्रेरणादायक सृजन है वही "देश मेरा" शीर्षक से राष्ट्रीयता की भावना भी जागृत होती है।"मौन मुस्कान,आपके शहर में अजनबी आए थे,बस गए हैं, रचना बहुत ही सुंदर और आत्म बोध कराती हुई प्रतीत होती हैं।"स्त्री तुम कब तक अबला रहोगी कब तक अत्याचार सहोगी" ये पंक्तियां स्त्री की वर्तमान सामाजिक दशा को प्रदर्शित करती हैं और उनको समय के साथ बदलने की प्रेरणा देती है।"कलम, पलभर,मेरी बिटिया, हकीकत रचनाओं के माध्यम से लेखिका ने महिलाओं पर हो रही ज्यादतियों को समाज के सामने लाने का प्रयास किया है,जो सराहनीय है।"साल 2020 सादगी का पैगाम सिखा रहा है,यह साल भीड़भाड़ से दूरी सिखा रहा" कोरोना काल पर भी दीदी अनीता शर्मा जी ने बहुत ही खूबसूरत कविता लिखी है।"उन्हें खबर तो हो,आस, धड़कन,प्रेम की शर्त,घरौंदा बरसात,कोकिला आदि शीर्षक से सृजित रचनाएँ समसामयिक हैं और वर्तमान परिस्थितियों को उजागर करती हैं।"पानी की एक बूंद पारदर्शी कितनी होती है" यह रचना हमें जल संरक्षण की ओर समुचित कदम उठाने के लिए आगाह करती है। "समय और शब्द,संतुष्टि और खुशी,हवा का झोंका, नजदीकियां,सतरंगी संसार रचना बेहद भावपूर्ण एवं जिंदगी की परेशानियों से रूबरू कराती हुई प्रतीत होती हैं। "मैं मेरा के अहंकार में लिपटा तन मन बोले रे,भूल गया अपने भीतर को सब में राम समाया "अहंकार" शीर्षक से सृजित ये कविता मुझे बहुत ही अच्छी लगी। "नजरिया,बचपन की यादें,आया सावन,मेरी बहना शीर्षक के माध्यम से बहुत ही खूबसूरत सृजन किया है। वही "स्वार्थी नेता" शीर्षक से आज की राजनीति पर भी कलम चलाने का सफल प्रयास किया है।"अमिया की छांव,गहराई,राम तुम उत्तर दो,अमूल्य धरोहर रचनाएं समसामयिक हैं साथ ही "हम मेहनत करके पाते हैं,वे आरक्षण से पाते हैं" वर्तमान सामाजिक विषमता और सरकारी नीतियों के विरोध में "आरक्षण" शीर्षक से लिखी गई कविता बहुत ही भावपूर्ण एवं संदेशात्मक है। "नीलिमा,पुत्र प्रेम,झील सी आंखें,संघर्ष आदि रचनाएं मनुष्य को जीवन में संघर्ष करना सिखाती हैं।"मां" शीर्षक से सृजित कविता बहुत ही भाव प्रवण है और इसमें माता के वात्सल्य रूप को भली-भांति उकेरा गया है। "राम अगर थे तुम अवतारी क्यों था जीवन संघर्षों से घिरा हुआ? इस कविता से लेखिका भगवान को भी उलाहना देने से नहीं चूकीं हैं कि यदि वे भगवान थे तो खुद संघर्षों से क्यों घिरे रहे। "जिंदगी,राम तुम्हारा धैर्य, भोर की बेला,समर्पण,वह दिल के पास होते हैं,होगा कुछ ऐसा शीर्षक से सृजित कविताएं समसामयिक और प्रेरणादायक हैं। "कुछ ना कहूं तो समझ लेना कुछ भी अपने बस में नहीं,व्यथा" शीर्षक से सृजित रचना बेहद खूबसूरत लगी। "माया का संसार,माया के बंधन,हृदय  की पुकार,बगिया और अभिशाप रचनाओं के माध्यम से आदरणीया अनीता शर्मा जी ने समाज के प्रत्येक पहलू को छूने का सफल प्रयास किया है। 

            जीवन गाथा एक संघर्ष काव्य संग्रह का आद्योपांत अध्ययन करने के पश्चात मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि मानव जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है जिस पर आदरणीया अनीता शर्मा जी ने अपनी कलम न चलाई हो।कह सकते हैं कि सभी रचनाएं,भावपूर्ण, समसामयिक,प्रेरणादायक और हृदय से लिखी हुई प्रतीत होती हैं।आदरणीया दीदी अनीता शर्मा जी को एक बार फिर से उनकी इस कृति के लिए हार्दिक धन्यवाद देता हूं और ईश्वर से कामना करता हूं कि वह इसी प्रकार समाज की अच्छाइयों, बुराइयों पर अपनी कलम चलाती रहें ताकि हमें भविष्य में भी कई नए सृजन पढ़ने को मिले। 

           मैं पाठकों से भी यह बात कहना चाहूंगा कि आप एक बार आदरणीया अनीता शर्मा जी की यह पुस्तक "जीवन गाथा एक संघर्ष" को अवश्य पढ़ें,यह पुस्तक अमेजॉन पर उपलब्ध है। 

           "हार्दिक शुभकामनाओं सहित"     

                              भवदीय
                       (सुरेंद्र शर्मा सागर)
                       श्योपुर, मध्य प्रदेश।

Cp हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि एवं शायर चन्द्र प्रकाश गौतम (सी.पी. गौतम) का जन्म 13 अगस्त सन् 1995 को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के छीतकपुर गाँव में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई इन्होंने उच्च शिक्षा स्नातक की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की तथा यहीं से हिन्दी साहित्य में परास्नातक की पढ़ाई भी की । स्नातक व परास्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। चन्द्र प्रकाश गौतम की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है । इन्होंने कई महत्वपूर्ण कविताओं एवं आलोचनात्मक लेखों का सृजना किया है , जो देश के विभिन्न राज्यों के दैनिक समाचार पत्रों , पत्रिकाओं में प्रकाशित है साथ ही इनकी कुछ रचनाएं भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रकाशित हुई हैं Know more about me

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