Lo phir se likh deti hun by vijay Lakshmi Pandey

 लो फिर  से  लिख  देती  हूँ !!

Lo phir se likh deti hun by vijay Lakshmi Pandey

लो  फिर  से  लिख  देती  हूँ ,

अपनीं      प्रेम      कहानी  ।

बरस  रहे हैं सजल  नेत्र  ये,

ज्यों   सावन    का   पानी ।।


यह जो प्रेम की मधुरिम पीड़ा,

टीस    बनी   है     चुभती  ।

कैसे  समझाऊँ  मैं    तुमको ,

भाग   मर्म     के     बुनती ।।


सारे    लहज़े  वही  पुराने ,

मुझे   आज    भी    भाते ।

चंदा  की  हो  चटख चाँदनी,

या    मधुकर    के   गानें ।।


बीते  पल  समेट  कर  लाऊँ,

यह     कैसे    है    सम्भव  ।

मौन  हो  गए  सारे  किस्से ,

बासी     पन्नों   के  तह  में ।।


उन  बासी  पन्नों  के तह में,

सूखा       एक     गुलाब  ।

ऐसे दिखा  मुझे  वह  जैसे,

खोया      मीत    मिला  ।।


आह !  वेदना    पराकाष्ठा,

किसको   आज  सुनाऊँ  ।

एक  हाथ से अश्रु सुखाकर,

फिर    से   पुष्प  छिपाऊँ ।।


तुम्हें  छुपाया  है पन्नों   में ,

तुम  भी  राग  छुपा   लो ।

और कहीं तन्हा में जाकर,

दिल  से "विजय" लगा लो।।


लो सम्भाल लो  मीठी बातें,

कटुक    निबौरी   दे     दो ।

मरहम सी कड़वाहट जिसकी,

शायद     जीवन    दे    दे ।।


इस जीवन के तह खानें से,

कितनें     तानें    लिक्खे ।

कम पड़ जाये कागद स्याही,

खुल  जाएँ   जो  फिर  से ।।


लो फिर  से  लिख  देती   हूँ,

अपनीं      प्रेम      कहानी ।

बरस  रहें  हैं  सजल नेत्र ये,

ज्यों   सावन   का  पानी  ।।


               विजय  लक्ष्मी  पाण्डेय
               एम.ए., बी.एड.(हिन्दी)
                स्वरचित  मौलिक रचना
                        आजमगढ़ ,उत्तर प्रदेश

Cp हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि एवं शायर चन्द्र प्रकाश गौतम (सी.पी. गौतम) का जन्म 13 अगस्त सन् 1995 को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के छीतकपुर गाँव में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई इन्होंने उच्च शिक्षा स्नातक की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की तथा यहीं से हिन्दी साहित्य में परास्नातक की पढ़ाई भी की । स्नातक व परास्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। चन्द्र प्रकाश गौतम की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है । इन्होंने कई महत्वपूर्ण कविताओं एवं आलोचनात्मक लेखों का सृजना किया है , जो देश के विभिन्न राज्यों के दैनिक समाचार पत्रों , पत्रिकाओं में प्रकाशित है साथ ही इनकी कुछ रचनाएं भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रकाशित हुई हैं Know more about me

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