Risto ki buniyad by Sudhir Srivastava

 रिश्तों की बुनियाद


Risto ki buniyad by Sudhir Srivastava

 


हर पर्व परंपराएं, मान्यताएं

रिश्तों की बुनियाद मजबूत करते हैं

ठीक वैसे ही हर तीज त्योहार भी

रिश्तों को प्रगाढ़ता देते हैं।

हमारे समाज में 

हर तीज त्योहार के केंद्र में हैं 

हमारी माँ, बहन, बेटियां

हमारी नारी शक्तियां।

इनके बिना किसी त्योहार का

भला मतलब ही क्या है?

कभी भाई, तो कभी बेटा

कभी पति तो कभी परिवार की खातिर

तिल तिल होम करती 

आ रहीं हैं खुद को

हमारी नारी शक्तियां।

महज विश्वास भर है

जिसकी बदौलत खिलखिलाता 

सारा जहान है,

रौनक है परिवार, समाज और 

समूची धरा पर।

जोड़ती हैं सूत्र सूत्र, सूत्रधार बन

सजाती, संवाँरती जतन करती रहती हैं,

बहुत कुछ सहती हँसते हुए

मजबूत करने की जुगत में

सदा रिश्तों की बुनियाद।

✍ सुधीर श्रीवास्तव
       गोण्डा, उ.प्र.
   8115285921
©मौलिक, स्वरचित

Cp हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि एवं शायर चन्द्र प्रकाश गौतम (सी.पी. गौतम) का जन्म 13 अगस्त सन् 1995 को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के छीतकपुर गाँव में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई इन्होंने उच्च शिक्षा स्नातक की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की तथा यहीं से हिन्दी साहित्य में परास्नातक की पढ़ाई भी की । स्नातक व परास्नातक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। चन्द्र प्रकाश गौतम की हिन्दी साहित्य में विशेष रुचि है । इन्होंने कई महत्वपूर्ण कविताओं एवं आलोचनात्मक लेखों का सृजना किया है , जो देश के विभिन्न राज्यों के दैनिक समाचार पत्रों , पत्रिकाओं में प्रकाशित है साथ ही इनकी कुछ रचनाएं भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रकाशित हुई हैं Know more about me

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