June 2021

dharti saja den by dr indu kumari

धरती सजा दें  आएं हम सब मिलकर  धरती को यूं सजा दें।  पेड़ों की कतारें लगा दें  इस अवनि को मिलकर  हरियाली से सजा दें  हम मानव बन जाएं  पर्या...

Cp 27 Jun, 2021

geet sawan barse sakhi by dr indu kumari

गीत - सावन बरसे सखी  बरसे रे सखी रिमझिम पनिया  चमकै रे सखी मेघ में बिजुरिया।  छमकत रे सखी गांव के गौरिया  आयल रे सखी सावन महिनमा सावन महिनमा...

Cp 27 Jun, 2021

kavita Mukti by virendra pradhan

मुक्ति किसी डांट-डपट से बेपरवाह हो मन चाहता है खेलना मनमफिक़ खेल जो बन्धे न हों बहुत अनुशासन मेँ परे हों कड़े नियमों से। मन बहुत देर तक अंदर ...

Cp 27 Jun, 2021

Chor chhipa baitha hai man me by dr hare krishna mishra

चोर छिपा बैठा है मन में चोर छिपा बैठा है मन में मैं ढूंढ रहा हूं दूसरे तन में, कैसी विडंबना है जीवन की आरोपित करता मैं किसको ? बड़ी जलन जीव...

Cp 27 Jun, 2021

Samvedna viheen hm dr hare krishna mishra

संवेदना विहीन हम   संवेदना विहीन हम  बांट पाय दर्द कौन। अनाथ तो बना गया, प्रकृति भी मौन क्यों ? दर्द क्यों एक को बाकी हम हैं कौन ? मनुष्य ह...

Cp 27 Jun, 2021

Hamare Sanskar by sudhir srivastav

हमारे संस्कार माना कि आधुनिकता का मुलम्मा हम पर चढ़ गया है, हमनें सम्मान करना जैसे भुला सा दिया है। पर ऐसा भी नहीं हैं कि दुनियां एक ही रंग ...

Cp 27 Jun, 2021

kavita Surma by kamal siwani

शूरमा जीवन मग में  चलना तो , बस सदा अकेले पड़ता । शूरमा जो होता वह रण में , निपट अकेले  लड़ता ।। रहता जो पूरित साहस से , तनिक नहीं घबराता । व...

Cp 27 Jun, 2021

एक रूपया-सिद्धार्थ पाण्डेय

एक रूपया एक रुपया में खुश हो जाने वाले ,दिन की बात निराली थी। जेबें तो लिबाज़ में अनेकों थीं,पर सारी की सारी खाली थी। मेरे हम उम्रों को याद ह...

Cp 27 Jun, 2021

Sukh dukh ki kahani by siddharth pandey

सुख दुःख की कहानी आँखों में उसने तराशी हैं खुशियां ,न ढूँढ़ पाना तो अपनी नाकामी। ख़ुशी उसने बख्शी है चेहरे पे सबके ,गर दुख ढूँढ़ ले तो है कैसी...

Cp 27 Jun, 2021

Jindagi bhar by siddharth bhar

जिंदगी भर जमाने ने दी है तोहमत की दौलत ,इसको समेटे रहो जिंदगी भर। सफाई जो कर दोगे जेहन का अपने ,रह न जाएगी थोड़ी कमी भर। परवाह जिस दिन कर लो...

Cp 27 Jun, 2021

Bhavnaye liye by siddharth pandey

भावनाएं लिए फिर रहे दर बदर भावनाएं लिए। तुम अपने लिए हम पराये लिए। आदमी आदमी को पहचानता कहाँ अब बड़े फिर रहे है दुवाएँ लिए। आदमी आदमी से आदम...

Cp 27 Jun, 2021

Sapne by shri shiv narayan jauhari vimal

सपने दो आँख चिपका दी गई हैं हरेक चहरे पर पढो दस्तावेज दुनिया की चित्रपट देखो और सुलझाओ पहेली दीन दुनिया की  |   रोशनी हो मन साथ हो और ऑंखें...

Cp 27 Jun, 2021

Bharat varsh by arun kumar shukla

शीर्षक- भारत वर्ष मस्तक दिव्य हिमालय जिसका, पांव धुले नितसागर इसका। हृदय भाग में बहती है नित , गंगा यमुना की धारा। दुनिया में सबसे प्यारा ,...

Cp 27 Jun, 2021

karm hi Ishwar by kamal siwani bihar

कर्म ही ईश्वर   क्या ईश्वर  मिलता  है  हमको , अंग  भभूत  रमाने  में ?  क्या ईश्वर मिलता है हमको , हठ का योग अपनाने में...

Cp 27 Jun, 2021

kavita Sandeh by sudhir srivastav

संदेह संदेह के बादल एक बार घिर आये, तो सच मानिए कि फिर कभी न छंट पाये,  मान लिया छंट भी गये तो भी उसके अंश अपनी जगह कभी अपनी जगह से  न हिल ...

Cp 27 Jun, 2021

Mahila sashaktikaran by priya gaud

महिला सशक्तिकरण महिलाओं के सशक्त होने की किसी एक परिभाषा को निश्चित मान लेना सही नही होगा और ये बात सही साबित करने के लिए सबसे पहले ये मानन...

Cp 27 Jun, 2021

antarjateey vivah aur honor killing ki samasya

अंतरजातीय विवाह और ऑनर किलिंग की समस्या :  इस आधुनिक और भागती दौड़ती जिंदगी में भी जहाँ किसी के पास किसी के लिए समय नही होता वहाँ आज भी अंतर...

Cp 27 Jun, 2021

bihadon ki bandook by priya gaud

"बीहड़ों की बंदूक" बीहड़ों में जब उठती हैं बंदूकें दागी जाती हैं गोलियां उन बंदूकों की चिंगारी के बल पर दी जाती है अपने चूल्हों में...

Cp 27 Jun, 2021

Rajdaar dariya by priya gaud

राज़दार दरिया दरिया  सबकी मुलाकातों की गवाह रहती है कुछ पूरी तो कुछ अधूरी किस्सों की राजदार रहती है आँखे बंद हो तो जिसकी सुकुन भरी एक बयार र...

Cp 27 Jun, 2021

sawam ki rachyita by priya gaud

"स्वयं की रचयिता" तुम्हारी घुटती हुई आत्मा का शोर कही कैद न हो जाये उलाहनों के शोर में इसलिए चीखों जितनी ताक़त है तुम्हारे भीतर और...

Cp 27 Jun, 2021

kavita Prithvi by priya gaud

"पृथ्वी " पृथ्वी के उदर पर जो पड़ी हैं दरारें ये प्रमाण है कि वो जन्म चुकी है शिशु इतंजार में है उस मरहम के जो भर दे उसकी दरारें औ...

Cp 27 Jun, 2021

kavitaon ke aor by priya gaud

"कविताओं के ओर" खोजें नही जाते कविताओं और कहानियों के ओर ये पड़ी रहती है मन के उस मोड़ पर  जो बेढंगी तरीके चलती ही रहती है  जो खाली...

Cp 27 Jun, 2021

kavita-Kabir by cp gautam

कबीर होश    जब   से     सम्भाला  ,   सम्भलते    गये आग     की     दरिया     से     निकलते      गये  फेंकने    वाले    ने   फेंक    दि...

Cp 27 Jun, 2021

Dekho kitne gaon badal gye by Rajesh shukla

कविता  देखो कितने गांव बदल गए...। हर देहात के ताव बदल गए, देखो कितने गांव बदल गए। कुआ बाबड़ी ,पानी भूले ,  देखो तो तालाब बदल गए। खेड़ापति अब न...

Cp 27 Jun, 2021

Paryavaran me zahar ,praniyon per kahar

आलेख : पर्यावरण में जहर , प्राणियों पर कहर  बरसात का मौसम है़ । प्रायः प्रतिदिन मूसलाधार वर्षा होती है़ । कभी -कभी तो कई दिनों तक लगातार वर...

Cp 27 Jun, 2021

kavita banabatta by dr hare krishna

बाणभट्ट बाणभट्ट की विद्वता का भूषण को उपहार मिला है पिता पुत्र की रचनाओं पर लिखने का अधिकार नहीं है ।। कहते हैं कादंबरी उनकी, रचनाओं में बह...

Cp 27 Jun, 2021

kavita ambar ka dheraj tut gaya by anita sharma

कविता  आज धरती का दुख देख-देख। अम्बर का धीरज टूट गया। भीग गयी अंखिया अम्बर की। बरस गये अश्रु बादल बनकर। हुआ दुखी तब मिलन धरा का। अपने अम्बर ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

bal shramik diwas par kavita by anita sharma

बाल श्रमिक दिवस पर कविता  कितनी मजबूर जिन्दगी , मासूम उम्र में मेहनत करते। कचरा बीनने को मजबूर , कितने मैले लिवास ओढ़ते । ढाबो में दिखते ये...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

kavita anubandh by dr hare krishna mishra

अनुबंध परंपरागत अनुबंध हमारा, कब टूटेगा था ज्ञात नहीं , सहज सरल जीवन जिया है हमको है अभिमान  नहीं।   ।। सुखद कामना मंगलमय जीवन  सबको हो अधि...

bolti zindagi 23 Jun, 2021 1

kavita sawan ki bund by kamal sewani

सावन की बूँद सावन की रिमझिम बूँदें जब , झरतीं नील गगन से । शस्य रूप अवलोकित होता , वसुधा के कण-कण से।। शुष्क पड़े सरवर का जल तल , यौवन ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021 1

kavita-wo jamana by sudhir srivastav

वो जमाना आज जब अपने पिताजी की उस जमाने की बातें याद आती हैं, तो सिर शर्म से झुक जाता है। माँ बाप और अपने बड़ों से आँख मिलाने में ही डर लगता थ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

kavita-haiwaniyat by antima singh

कविता- हैवानियत कमजोर जानकर किसी को क्युं सताते हैं लोग, मासूम दिलों पे पत्थरों की बौछार क्युं चलाते हैं लोग, कभी सोचते हैं क्युं नहीं कि ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

Laghukatha- mairathan by kanchan shukla

मैराथन डॉक्टर ने बोला है, आज के चौबीस घंटे बहुत नाजुक हैं। हल्का फुल्का सब सुन रहा हूँ। कोई मलाल नही। जीवन की इस अंतिम बेला में, पीछे मुड़क...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

kavita kal ki mahabharat aur aaj ki mahabharat by saurabh

"कल की महाभारत और आज की महाभारत" महाभारत के सभी पात्र, अब तो घर ही में है, घृतराष्ट्र, दुर्योधन, शकुनि, सब तो घर ही में है । असली ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

Laghukatha-dikhawati by kanchan shukla

दिखावटी मिहिका के दिल में बहुत कसक है। शुरुआत में तो ज़्यादा ही होती थी। जब भी माँपिता से, इस बात का ज़िक्र किया। वे कहते,"हमें तुझ पर ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021

vyangkatha- police ka chakravyuh by suresh bhatia

व्‍यंग्‍य कथा  पुलिस का चक्रव्‍यूह.                                                                                        मुंगेरी ने कसम ...

bolti zindagi 23 Jun, 2021